Mahila Rojgar Yojana: नमस्कार दोस्तों! आज हम बात कर रहे हैं बिहार सरकार की एक ऐसी पहल की, जिसने राज्य की लाखों महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। Mahila Rojgar Yojana के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
हाल ही में खबर सामने आई कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक साथ लाखों महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सहायता राशि भेजी है, जिससे यह योजना चर्चा में आ गई है।
Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana क्या है?
यह योजना मुख्य रूप से बिहार की स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को शुरुआती तौर पर ₹10,000 की सहायता राशि दी जाती है ताकि वे छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें।
इस राशि का उपयोग महिलाएं अपनी जरूरत और कौशल के अनुसार कर सकती हैं, जैसे:
- सिलाई या ब्यूटी पार्लर शुरू करना
- किराना या छोटी दुकान खोलना
- पशुपालन या डेयरी व्यवसाय
- हस्तशिल्प और फूड प्रोसेसिंग कार्य
सरकार केवल पैसा ही नहीं देती बल्कि ट्रेनिंग, मार्गदर्शन और मार्केटिंग सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जाता है।
योजना की पात्रता (Eligibility Criteria)
Mahila Rojgar Yojana का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं:
- आवेदक महिला बिहार की स्थायी निवासी हो
- जीविका स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी हो
- आयु सीमा लगभग 18 से 59 वर्ष
- परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम
आवेदन के समय आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और SHG सदस्यता प्रमाण पत्र जरूरी होते हैं।
मिलने वाले लाभ और आगे की सहायता
इस योजना के तहत पहली किस्त के रूप में ₹10,000 की राशि दी जाती है। अगर महिला अपने व्यवसाय को सही तरीके से शुरू करती है और उसका मूल्यांकन सकारात्मक रहता है, तो आगे चलकर 2 लाख रुपये तक अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी मिल सकती है।
यह पहल “लखपति दीदी अभियान” से भी जुड़ी बताई जा रही है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से मजबूत बनाना है।
योजना का प्रभाव और महिलाओं की सफलता
राज्य के कई जिलों में इस योजना का सकारात्मक असर देखने को मिला है। कई महिलाओं ने इस सहायता राशि से छोटी दुकान, सिलाई केंद्र या पशुपालन शुरू किया है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी है बल्कि आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं अब स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा कर रही हैं, जिससे परिवार और गांव दोनों को फायदा मिल रहा है।
पेमेंट स्टेटस कैसे चेक करें? (Official Methods)
- आधिकारिक पोर्टल mmry.brlps.in पर जाएं
- “Payment Status” विकल्प चुनें
- रजिस्ट्रेशन नंबर, आधार या मोबाइल नंबर दर्ज करें
- OTP वेरिफिकेशन के बाद स्टेटस स्क्रीन पर दिखाई देगा
यहां आप देख सकते हैं कि भुगतान सफल हुआ है या अभी प्रक्रिया में है।
जीविका सेंटर से जानकारी लें: अगर ऑनलाइन स्टेटस चेक नहीं हो रहा है, तो अपने नजदीकी जीविका कार्यालय या SHG समूह से संपर्क करें। वहां से आपका रजिस्ट्रेशन नंबर चेक करके तुरंत जानकारी दी जा सकती है।
हेल्पलाइन नंबर से सहायता
- 0612-2504980
- 0612-2504960
इन नंबरों पर कॉल करके भी पेमेंट स्टेटस की जानकारी ली जा सकती है।
बैंक अकाउंट चेक करें मोबाइल बैंकिंग, ATM या पासबुक एंट्री से भी राशि की पुष्टि कर सकते हैं। ट्रांजेक्शन में DBT या योजना से संबंधित नाम दिखाई दे सकता है।
महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण सलाह
- केवल आधिकारिक पोर्टल और जीविका केंद्र से ही जानकारी लें
- किसी भी व्यक्ति को पैसे देकर आवेदन कराने से बचें
- बैंक खाते और मोबाइल नंबर अपडेट रखें ताकि DBT का मैसेज समय पर मिले
Mahila Rojgar Yojana बिहार की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। शुरुआती आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और आगे मिलने वाली अतिरिक्त मदद के जरिए महिलाएं छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं। अगर आप भी पात्र हैं, तो सही जानकारी के साथ आवेदन करें और इस योजना का लाभ उठाएं।
